Monday, January 28, 2019

राग यमन: आलाप स्थाई और अंतरा

Raag yaman



वीणाधरे विपुलमङ्गलदानशीले भक्तार्तिनाशिनि विरिञ्चिहरीशवन्द्ये । कीर्तिप्रदेऽखिलमनोरथदे महार्हे विद्याप्रदायिनि सरस्वतिनौमि नित्यम् ॥






आलाप  (स्थाई और अंतरा )


(स्थाई)


येरी आली पिया बिन सखी

१) सा    -    नि  -   | ध़   ऩि   सा  -  |  ऩि    रे    ग   रे   |  ऩि  रे  सा   - 
२) ऩिरे गम॑   ग  रे  |  ऩि   रे   सा   -  |  ऩि    रे    ग   रे   |  ऩि  रे  सा   -
३) ऩिरे गम॑   प   -  |  ग   म॑    प   -  |  म॑ध पम॑   ग   रे  |   ऩि  रे  सा   -
४) ऩिरे गम॑  ध  नि  |  म॑   ध    नि  -  | ऩिरे गम॑   प  म॑  |   ग   रे  सा   -

(अन्तरा)

जब से पिया परदेस गवन  कीनो ...


१) सां - नि - | ध नि सां - | नि रे ग म |ध नि सां -

२) सां - निध पम | गम॑ धनि सां - | ध नि सां रें | नि रें सां -
३) निरे गम॑ पम गम॑ | ध नि सां - | नि रें गं रें | नि रें सां -

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